DIET – District Institute Of Education And Training Centre, Hapur
इस मूल भावना के साथ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, हापुड़ प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता, मूल्य और नवाचार का सशक्त केंद्र के रूप में कार्य कर रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के अंतर्गत वर्ष 1988-89 में स्थापित यह संस्थान हापुड़ एवं गाज़ियाबाद दोनों जनपदों की शैक्षिक आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए शिक्षक-प्रशिक्षण, शैक्षिक उन्नयन तथा मानवीय मूल्यों के संवर्धन में निरंतर योगदान दे रहा है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, हापुड़ जनपद में शिक्षक शिक्षा, शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन एवं विद्यालय सुधार की दिशा में बहुआयामी भूमिका निभा रहा है। संस्थान के विभिन्न विभाग अपने-अपने दायित्वों के माध्यम से राज्य एवं राष्ट्रीय शैक्षिक लक्ष्यों की प्राप्ति में सक्रिय योगदान दे रहे हैं।
प्री-सर्विस शिक्षक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत भावी प्राथमिक शिक्षकों को सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। पाठ्यक्रम आधारित शिक्षण के साथ-साथ माइक्रो टीचिंग, पाठ योजना निर्माण, शिक्षण सहायक सामग्री (TLM) का विकास, विद्यालय आधारित इंटर्नशिप एवं कक्षा अवलोकन जैसी गतिविधियों पर विशेष बल दिया जा रहा है, जिससे प्रशिक्षु शिक्षकों में व्यावसायिक दक्षता का विकास हो सके।
इन-सर्विस शिक्षक प्रशिक्षण विभाग द्वारा कार्यरत शिक्षकों के व्यावसायिक विकास हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इनमें NIPUN भारत मिशन ¼FLN½ नवीन शिक्षण विधियाँ, आकलन एवं मूल्यांकन, कक्षा प्रबंधन, डिजिटल शिक्षण, समावेशी शिक्षा तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 से संबंधित विषयों पर प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। अकादमिक सहयोग एवं शैक्षिक मार्गदर्शन विभाग द्वारा जनपद के परिषदीय विद्यालयों को अकादमिक सहयोग प्रदान किया जा रहा है। इसमें विद्यालय भ्रमण, कक्षा अवलोकन, शिक्षकों को शैक्षिक सुझाव, पाठ्यक्रम की प्रभावी क्रियान्विति, TLM उपयोग एवं बच्चों के अधिगम स्तर में सुधार हेतु मार्गदर्शन सम्मिलित हैं।
शैक्षिक अनुसंधान एवं नवाचार विभाग द्वारा शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने हेतु शैक्षिक अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित कर रहा है। विद्यालयी समस्याओं पर आधारित एक्शन रिसर्च, नवाचारों का संकलन, केस स्टडी एवं अच्छे अभ्यासों ¼Best Practices½ का प्रसार किया जा रहा है, जिससे नीति निर्माण एवं शैक्षिक सुधार को बल मिल सके।
पाठ्यपुस्तक एवं शिक्षण सामग्री विकास विभाग द्वारा स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षण सहायक सामग्री, वर्कशीट, अभ्यास पुस्तिकाएँ एवं गतिविधि आधारित सामग्री विकसित की जा रही है। बच्चों के स्तर के अनुसार सरल, रोचक एवं अनुभव आधारित सामग्री के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है।
छात्रों के अधिगम स्तर के आकलन हेतु विभिन्न प्रकार के मूल्यांकन उपकरणों का विकास एवं प्रयोग मूल्यांकन एवं शैक्षिक गुणवत्ता संवर्धन विभाग द्वारा किया जा रहा है। विद्यालयों में सतत एवं व्यापक मूल्यांकन ¼CCE½ को प्रभावी बनाने हेतु शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिससे बच्चों की सीखने की प्रगति का सही आकलन हो सके।
इस संदर्भ में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का यह कथन अत्यंत सार्थक प्रतीत होता है-
“सच्चे शिक्षक वे हैं जो हमें स्वयं सोचने के लिए प्रेरित करते हैं और जीवन को सही दिशा देते हैं।”
यही प्रेरणा D.I.E.T. हापुड़ के प्रयासों की आत्मा है और राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला है।